बॉलिवुड की फिल्म धुरंधर के आइटम सॉन्ग 'शरारत' को लेकर जो शोर मचा है, उसका असली रूप सामने आया है। कई दिनों तक यह खबर चली कि अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को इस गाने से 'रिजेक्ट' कर दिया गया था, लेकिन अब कोरियोग्राफर ने खुद इस अफवाह पर पानी फेर दिया है।
21 दिसंबर 2025 को जब आज तक और NDTV जैसे बड़े मीडिया घरों ने यह रिपोर्ट दी थी कि निर्देशक आदित्य धर ने तमन्ना को चुनने से इनकार कर दिया, तो सोशल मीडिया पर एक हलचल मच गई। लोग हैरान थे—एक ऐसे स्टार को क्यों छोड़ा गया जिसकी डंसिंग स्किल्स दुनिया भर में जानी-मानی हैं? लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
बात वापस 21 दिसंबर 2025 की है। मनोरंजन पोर्टल Filmygyan को दिए एक इंटरव्यू में कोरियोग्राफर विजय गांगुली ने बताया था कि उन्होंने 'शरारत' गाने के लिए तमन्ना भाटिया का नाम सुझाया था। रिपोर्ट्स में लिखा गया कि निर्देशक आदित्य धर ने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। इससे ही यह धारणा बन गई कि तमन्ना को 'रिजेक्ट' किया गया।
ABP Live और News18 CG जैसे प्लेटफॉर्म ने भी इसी को आधार बनाकर खबरें छापीं। लोगों को लगा कि शायद कोई पीछे का हाथ है या फिर कलाकार के साथ अन्याय हुआ है। जैगरण की रिपोर्ट के अनुसार, गाने में अंततः आइशा खान और क्रिस्टल डिस्उजा नजर आईं, और उनके डांस मूव्स वायरल हो गए। इससे तमन्ना को 'रिप्लेस' किए जाने की बात और मजबूत हुई।
लेकिन रुकिए, यही वह मोड़ है जहां सब कुछ बदल जाता है। 22 और 23 दिसंबर 2025 के बीच, विजय गांगुली ने सीधे तौर पर कहा कि तमन्ना भाटिया कभी भी औपचारिक रूप से विचारधीन (under consideration) नहीं थीं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में उनका कहना था, "तमन्ना भाटिया को कभी भी 'धुरंधर' के गाने के लिए रिजेक्ट नहीं किया गया।"
हिंदुस्तान टाइम्स और बॉलिवुड हंगामा को दिए बयान में उन्होंने अपनी बात और स्पष्ट की। उन्होंने कहा, "तमन्ना की स्टार पावर इतनी विशाल है कि अगर वे उस विशेष सॉन्ग में होतीं, तो फिल्म की कहानी और मुख्य पात्रों पर ध्यान कम हो सकता था। यह कोई व्यक्तिगत या पेशेवर अस्वीकृति नहीं थी, बल्कि एक रचनात्मक निर्णय था।"
सरल शब्दों में कहें तो, विजय गांगुली का मानना था कि तमन्ना की उपस्थिति इतनी प्रभावशाली होगी कि दर्शकों का ध्यान गाने की कहानी से हटकर सिर्फ उनके चेहरे पर केंद्रित हो जाएगा। इसलिए टीम ने अपेक्षाकृत नए चेहरों को चुना ताकि फिल्म के संदर्भ पर फोकस बना रहे।
जब तमन्ना की जगह पर क्रिस्टल डिस्उजा और आइशा खान को लिया गया, तो सोशल मीडिया पर उन्हें 'तमन्ना की जगह लेने वाली' के रूप में प्रस्तुत किया गया। Bollyheadlines पर शेयर किए गए वीडियो में क्रिस्टल डिस्उजा की प्रतिक्रियाओं को भी दिखाया गया। हालांकि, वास्तविकता यह है कि ये दोनों कलाकार गाने के कॉन्सेप्ट के अनुकूल चुने गए थे।
जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों के डांस मूव्स ने दर्शकों को काफी प्रभावित किया और गाना वायरल होने लगा। इससे यह साबित होता है कि निर्णय रचनात्मक दृष्टिकोण से लिया गया था, न कि किसी कलाकार के खिलाफ पूर्वाग्रह से।
इस पूरे मामले में मीडिया की भूमिका बहुत बड़ी रही। 'रिजेक्ट' जैसे शब्द का उपयोग करने से एक ऐसी नैरेटिव बन गई जो वास्तविकता से दूर थी। विजय गांगुली ने टीवी9 हिंदी और अन्य प्लेटफॉर्म पर यह स्पष्ट किया कि तमन्ना को कभी भी फाइनल नहीं किया गया था, इसलिए 'रिजेक्शन' की बात करना बेमौका है।
यह मामला हमें यह भी सिखाता है कि बॉलिवुड में निर्णय लेते समय 'स्टारडम' और 'कहानी की जरूरतों' के बीच संतुलन कैसे बनाया जाता है। आदित्य धर जैसे निर्देशक अक्सर इस बात का ध्यान रखते हैं कि गाना फिल्म के प्रवाह में फिट बैठे, न कि सिर्फ एक स्टार के चमत्कार के लिए हो।
नहीं, कोरियोग्राफर विजय गांगुली ने स्पष्ट किया है कि तमन्ना भाटिया कभी भी औपचारिक रूप से विचारधीन नहीं थीं। उनका कहना है कि 'रिजेक्ट' शब्द का उपयोग गलत है क्योंकि उनका नाम कभी भी फाइनल लिस्ट में शामिल नहीं हुआ था।
विजय गांगुली के अनुसार, तमन्ना की स्टार पावर इतनी बड़ी है कि उनकी उपस्थिति से फिल्म की कहानी और मुख्य पात्रों पर ध्यान कम हो सकता था। इसलिए टीम ने रचनात्मक कारणों से अपेक्षाकृत नए चेहरों को प्राथमिकता दी।
फिल्म धुरंधर के आइटम सॉन्ग 'शरारत' में आइशा खान और क्रिस्टल डिस्उजा नजर आईं। इन दोनों के डांस मूव्स सोशल मीडिया पर वायरल हुए और दर्शकों को काफी पसंद आए।
आदित्य धर फिल्म धुरंधर के निर्देशक हैं और गाने के कलाकारों के चयन का अंतिम निर्णय लेने वाले थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने विजय गांगुली द्वारा सुझाए गए तमन्ना के प्रस्ताव को फिल्म के संदर्भ को ध्यान में रखते हुए स्वीकार नहीं किया।
यह विवाद 21 दिसंबर 2025 को मीडिया रिपोर्ट्स के बाद शुरू हुआ। 22-23 दिसंबर 2025 के बीच विजय गांगुली ने अपना स्पष्टीकरण दिया, जिसके बाद अधिकांश मीडिया हाउस ने अपनी रिपोर्ट्स अपडेट कीं और अफवाहों पर पानी फेरा।
15 जवाब
अरे वाह, अंत में सच सामने आया! तमन्ना को रिजेक्ट नहीं किया गया था, बस स्टार पावर ज्यादा थी। मुझे लगता है कि निर्माताओं ने सही फैसला लिया ताकि फिल्म की कहानी पर ध्यान बना रहे। सबको शांति से लेना चाहिए और फिल्म का आनंद लेना चाहिए।
हाँ हाँ, फिर से वही झूठे बहाने! 'स्टार पावर' शब्द का इस्तेमाल करके उन्हें तोड़ना चाहते हैं। असलियत यह है कि भारतीय सिनेमा में अब नए चेहरों को मौका मिल रहा है, पुराने स्टार्स के लिए जगह कम हो रही है। यह बहुत खराब संकेत है हमारे देश के लिए। 😡
देखो दोस्तों, हर चीज़ का एक कारण होता है! विजय गांगुली ने स्पष्टीकरण दिया है, तो मान लो। क्रिस्टल डिजूसा और आइशा खान ने भी अच्छा डांस किया है, उनका क्रेडिट दें। चलो पॉजिटिव रहते हैं और फिल्म देखते हैं! 💃🕺
सुनो भाई, मीडिया ही सब कुछ बना देता है। रिपोर्ट्स में लिखा था रिजेक्ट, तो लोग मान गए। अब सफाई दी तो क्या होगा? लोग पहले ही निष्कर्ष पर पहुंच चुके हैं। यह खेल है इनका, हमें बीच में मत फंसो।
यह पूरी घटना दर्शाती है कि कैसे गलत सूचनाएं फैलाई जाती हैं। विजय गांगुली का तर्क तार्किक रूप से सही है; यदि एक बहुत प्रसिद्ध अभिनेत्री होती, तो ध्यान मुख्य किरदारों से हट जाता। इसलिए, यह एक रचनात्मक निर्णय था, व्यक्तिगत नहीं।
ओह, क्या बात है! 🙄 लोगों को लगता है कि वे जानते हैं कि फिल्म कैसे बननी चाहिए। लेकिन असल में, निर्देशक और कोरियोग्राफर जानते हैं कि क्या काम करेगा। तमन्ना बेहतरीन हैं, लेकिन इस बार दूसरों का समय था। इसे स्वीकार करो और आगे बढ़ो। 🎭✨
मुझे लगता है कि यह मामला हमें सोचने पर मजबूर करता है। क्या हम सच में जानते हैं कि पीछे क्या चल रहा है? या हम सिर्फ जो सुनते हैं उस पर भरोसा करते हैं? शायद हमें थोड़ा गहराई से सोचना चाहिए।
हम्म, बहुत दिलचस्प... 🤔 मुझे शक है कि यह सब एक बड़ी साजिश है। मीडिया ने पहले रिजेक्शन की खबर दी, ताकि तमन्ना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे। और अब सफाई इसलिए दी गई है क्योंकि उन्होंने दबाव डाला। कुछ भी सरल नहीं होता।
मेरे विचार से, यह बहुत जरूरी है कि हम सत्य को स्वीकार करें। विजय गांगुली ने स्पष्ट किया है कि तमन्ना कभी भी विचारधीन नहीं थीं। इसलिए, 'रिजेक्ट' शब्द का उपयोग गलत है। हमें अपनी राय बनाने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए।
उफ्फ, ये लोग क्या समझते हैं? स्टार पावर का मतलब सिर्फ चेहरा दिखाना नहीं है। अगर तमन्ना होतीं, तो गाना और भी ज्यादा वायरल होता। लेकिन ठीक है, आप लोग अपने तर्क रखिए। मैं तो सिर्फ अच्छा संगीत और डांस देखना चाहती हूं।
वाह, क्या बात है! मुझे तो लगा कि तमन्ना को रिजेक्ट किया गया था, लेकिन अब पता चला कि ऐसा नहीं था। क्रिस्टल और आइशा ने भी बहुत अच्छा किया है। चलो सब मिलकर फिल्म का शुभकामना देते हैं! 🌟
यह अच्छा है कि स्पष्टीकरण आ गया है। अक्सर ऐसे मामलों में लोग एक-दूसरे को दोष देते हैं। लेकिन यहाँ निर्णय रचनात्मक कारणों से लिया गया था। हमें सभी कलाकारों का सम्मान करना चाहिए और उनकी मेहनत को सराहना करनी चाहिए।
सच्ची बात यह है कि आजकल के निर्माता बहुत हिम्मत वाले हैं। वे बड़े स्टार्स के बिना भी काम कर सकते हैं। यह दिखाता है कि कहानी और कला महत्वपूर्ण हैं, न कि सिर्फ नाम। हालांकि, मुझे लगता है कि तमन्ना जैसे स्टार्स की उपस्थिति से फिल्म की पहचान और भी बढ़ सकती थी, लेकिन फिर भी यह एक साहसिक कदम है।
भाई, सुनो, यह सब बकवास है। तमन्ना को क्यों नहीं लिया गया? क्योंकि वे महंगी हैं? या क्योंकि कोई और इच्छा थी? हमेशा कुछ न कुछ छिपा होता है। लेकिन ठीक है, आप लोग जो चाहे सोचो, मैं तो अपना काम करता हूं। 🇮🇳
यह स्थिति वास्तव में रोचक है। हम अक्सर सोशल मीडिया और समाचारों द्वारा प्रसारित की जाने वाली जानकारी को बिना सोचे-समझे स्वीकार कर लेते हैं। विजय गांगुली का स्पष्टीकरण हमें याद दिलाता है कि हमें हमेशा कई स्रोतों से सत्यापन करना चाहिए। तमन्ना की प्रतिभा अस्वीकार्य है, लेकिन इस निर्णय के पीछे के तर्क को भी समझना जरूरी है। 🤔