अनुराग कश्यप का खुलासा: 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' की शूटिंग के दौरान विक्की कौशल हुए थे गिरफ्तार

मई 16, 2024 14 टिप्पणि Priyadharshini Ananthakumar

प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अभिनेता विक्की कौशल के साथ हुई एक रोचक घटना साझा की। यह घटना उनकी क्राइम ड्रामा फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' की शूटिंग के दौरान घटी थी, जो 2011 में आयोजित की गई थी।

कश्यप ने बताया कि फिल्म की शूटिंग वाराणसी के पास एक ग्रामीण इलाके में चल रही थी। उस दौरान, स्थानीय लोगों ने विक्की कौशल के ऑन-स्क्रीन किरदार को एक असली गैंगस्टर समझ लिया और पुलिस को सूचित कर दिया। इसके परिणामस्वरूप, कौशल को गिरफ्तार कर लिया गया।

हालांकि, बाद में फिल्म की टीम ने हस्तक्षेप किया और पुलिस को स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि विक्की कौशल एक अभिनेता हैं और वह फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। अंततः, कौशल को रिहा कर दिया गया।

फिल्म निर्माण की प्रामाणिकता पर प्रकाश डालती घटना

यह घटना फिल्म निर्माण की प्रामाणिकता और इमर्सिव प्रकृति पर प्रकाश डालती है। 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' एक क्राइम ड्रामा फिल्म थी, जिसमें मनोज बाजपेयी, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और ऋचा चड्ढा जैसे कलाकारों ने अभिनय किया था।

उस समय विक्की कौशल की भूमिका फिल्म में अपेक्षाकृत छोटी थी, लेकिन यह घटना फिल्म के इतिहास में एक यादगार किस्सा बन गई है। यह दर्शाता है कि किस तरह फिल्म निर्माण टीम वास्तविकता के करीब रहने और किरदारों को जीवंत बनाने के लिए प्रयास करती है।

विक्की कौशल का सफर

विक्की कौशल के लिए 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' एक महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई, भले ही उनकी भूमिका छोटी थी। इस फिल्म ने उन्हें बॉलीवुड इंडस्ट्री में पहचान दिलाने में मदद की।

आज, विक्की कौशल बॉलीवुड के सबसे प्रतिभाशाली और लोकप्रिय अभिनेताओं में से एक हैं। उन्होंने 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक', 'मनमर्जियां', 'राजी' और 'सरदार उधम' जैसी फिल्मों में अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।

अनुराग कश्यप का योगदान

अनुराग कश्यप भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिभाशाली और मशहूर निर्देशकों में से एक हैं। उन्होंने 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'देव डी', 'गुलाल', 'रमन राघव 2.0' और 'मनमर्जियां' जैसी कई सराहनीय फिल्मों का निर्देशन किया है।

कश्यप की फिल्में अक्सर समाज के हाशिए पर मौजूद किरदारों और कहानियों पर केंद्रित होती हैं। वह अपनी फिल्मों के माध्यम से वास्तविक और मार्मिक कहानियां प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

सिनेमा और समाज का अंतर्संबंध

विक्की कौशल के साथ हुई यह घटना सिनेमा और समाज के बीच के अंतर्संबंध को दर्शाती है। फिल्में अक्सर समाज के विभिन्न पहलुओं को प्रतिबिंबित करती हैं और लोगों को प्रभावित करती हैं।

इस मामले में, स्थानीय लोगों ने फिल्म के किरदार को इतना वास्तविक समझा कि उन्होंने उसे असली गैंगस्टर मान लिया। यह दर्शाता है कि सिनेमा का समाज पर कितना गहरा प्रभाव पड़ता है।

निष्कर्ष

अनुराग कश्यप द्वारा साझा की गई विक्की कौशल की गिरफ्तारी की घटना फिल्म निर्माण की चुनौतियों और रोमांच को दर्शाती है। यह घटना 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' की विरासत का एक अनूठा हिस्सा बन गई है।

साथ ही, यह कहानी सिनेमा और समाज के बीच के जटिल संबंधों पर भी प्रकाश डालती है। फिल्में न केवल मनोरंजन का माध्यम हैं, बल्कि समाज को प्रभावित करने और बदलाव लाने की शक्ति भी रखती हैं।

14 जवाब

SONALI RAGHBOTRA
SONALI RAGHBOTRA मई 16, 2024 AT 21:37

विक्की की इस इवेंट ने फिल्म सेट की रियलिस्म को एक नई लेवल तक पहुंचा दिया। ऐसा सिचुएशन कम ही देखना मिलता है जहाँ एक एक्टिंग सीन को असली गैंगस्टर समझा जाए। इस तरह की कहानियों से हम समझते हैं कि फिल्ममेकर कितनी डिटेल पर काम करते हैं। यही तो कश्यप जी की डायरेक्शन की पहचान है, गहरी और इमर्सिव।

sourabh kumar
sourabh kumar मई 17, 2024 AT 19:50

बिलकुल सही कहा तुमने यार। ये तो वाकई में एक मज़ेदार मोमेंट था, लेकिन ग्रेट्रीटिया की गड़बड़ी से थोड़ी पैनिक भी हो गई। लोकल लोग तो बहुत एंटुज़ियास्टिक दिखते हैं, समझते नहीं कि फ़िल्म का शूटिंग है। चलो, ऐसे स्टोरीज़ का मज़ा ही अलग है।

khajan singh
khajan singh मई 18, 2024 AT 18:03

हां, इस केस में लोकेल कम्यूनिटी की इनपुट काफी इम्पॉर्टेंट थी :)। पर साथ ही साथ सिक्योरिटी को भी सही इंस्ट्रक्शन देना चाहिए था। फिल्मी वर्ल्ड और रियल लाइफ के बीच का बैरियर्स कभी-कभी ब्लर हो जाता है।

Dharmendra Pal
Dharmendra Pal मई 19, 2024 AT 16:17

विक्की कौशल की गिरफ्तारी एक छोटा एपीसोड था लेकिन इसका असर बड़ा था। शूटिंग के दौरान लोग फिल्म को लेकर इतने कंज्यूस होते हैं कि वे एक्शन को सच मान लेते हैं। इस कारण पुलिस को बुलाया गया और उन्होंने तुरन्त कार्रवाई की। लेकिन फिल्म टीम ने तुरंत सारी बात समझा दी। उन्होंने बताया कि यह एक सीन का हिस्सा है न कि वास्तविक गँना। फिर भी पुलिस को समझाने में थोड़ा टाइम लगा। आखिरकार उन्होंने अभिनेता को रिहा कर दिया। इस घटना ने फिल्म की पब्लिसिटी को भी बढ़ा दिया। लोग इस किस्से को सोशल मीडिया पर शेयर करते रहे। इस तरह के एपीसोड इंडस्ट्री को भी सावधान कर देते हैं। निर्देशक को भी याद रहता है कि लोकेशन से पहले पूरी तैयारी करनी चाहिए। सेट पर सिक्योरिटी का प्रबंधन भी महत्वपूर्ण है। आज के दौर में ऐसे एपीसोड कम होते जा रहे हैं क्योंकि ऑडियंस जागरूक है। लेकिन 2011 में ऐसा होना बहुत ही अनोखा था। कुल मिलाकर यह एक यादगार मोमेंट बन गया।

Balaji Venkatraman
Balaji Venkatraman मई 20, 2024 AT 14:30

सेट की रियलिटी कभी-कभी फिल्म से ज़्यादा स्पीक्चर बन जाती है।

Tushar Kumbhare
Tushar Kumbhare मई 21, 2024 AT 12:43

है ना मज़ेदार बात 😂 कि हम सबने एक ही मोमेंट को अलग‑अलग देखे। फिर भी ऐसी स्टोरीज़ सेट पर एनर्जी बढ़ा देती हैं।

Arvind Singh
Arvind Singh मई 22, 2024 AT 10:57

अरे वाह, अब तो कलाकार भी जुर्म में फँस गए, काश अगर उनका अभिनय इतना असली होता तो पुलिस की इज्ज़त बढ़ जाती।

Vidyut Bhasin
Vidyut Bhasin मई 23, 2024 AT 09:10

बिलकुल, असली गैंगस्टर बनना तो हर अभिनेता का सपना है, बस फ्रेम में नहीं, जेल में।

nihal bagwan
nihal bagwan मई 24, 2024 AT 07:23

भारत की धरती पर हमें हमारे ही कलाकारों को गलत समझ कर ही पकड़ना चाहिए नहीं तो हमारी सांस्कृतिक पहचान खतरे में पड़ जाएगी। यह हमें कभी नहीं भूलना चाहिए।

Arjun Sharma
Arjun Sharma मई 25, 2024 AT 05:37

भाई सही बात है, फिल्म इंटूजियास्मैटिक है पर लोकल के सेंस की मैच नहीं हुई तो इमरजेंसी मोड ऑन हो जाता है।

Sanjit Mondal
Sanjit Mondal मई 26, 2024 AT 03:50

वास्तव में, यह घटना दर्शाती है कि फिल्म निर्माण में स्थानीय सहयोगी कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसी स्थितियों में संवाद स्थापित करना अनिवार्य होता है। यह अनुभव भविष्य की प्रोडक्शन के लिए एक सीख बन सकता है। :)

Ajit Navraj Hans
Ajit Navraj Hans मई 27, 2024 AT 02:03

देखो मैं तो कहूँगा कि ऐसे केस में प्री‑प्लानिंग नहीं की तो खुद ही गड़बड़ हो जाएगी। विज़ुअल इफ़ेक्ट्स और रियलिस्टिक एनीमेशन से ही सब कुछ समझाया जा सकता है।

arjun jowo
arjun jowo मई 28, 2024 AT 00:17

हमें हमेशा लगता है कि ऐसी छोटी‑छोटी घटनाएँ बड़ी सीख देती हैं और हमें अपने प्रोसेस को सुधारने में मदद करती हैं। इसलिए हर सेट पर सुरक्षा प्रोटोकॉल को रेगुलर चेक करना चाहिए।

Rajan Jayswal
Rajan Jayswal मई 28, 2024 AT 22:30

बिलकुल, प्रोटोकॉल चेक से ही स्थिरता आती है।

एक टिप्पणी लिखें